एक बहन अपने भाई से क्या चाहती है ?

एक बहन अपने भाई से क्या चाहती है ? शायद ही कोई भाई इस बात को समझता होगा। आज तो एक भाई अपनी  बहन को नहीं समझता उनकी फिलिंग्स तो बहुत दूर की बात है.
बहोत ही सीधी सी बात है। एक बहन क्या चाहती है अपने भाई से वो बस इतना ही चाहती है जैसे मेरा भाई बचपन में मुझपे अपनी जान छिरकता था आगे भी वैसा ही रहे। बचपन में मेरी ख़ुशी में उसकी ख़ुशी होती थी आज भी वैसे ही मेरी ख़ुशी में उनकी भी ख़ुशी हो। जैसे की बचपन में मेरे बिना बोले ही मेरी हर बात समझ जाता था आज भी वैसा ही हो।

 एक बहन यही चाहती है मेरा भाई जैसे मेरी इज़्ज़त करता है वैसे ही वो दुनिया की हर लड़की की इज़्ज़त करे।मेरी पसंद को अपनी पसंद बनाये जिसे मै पसंद करू उसे मेरा भाई भी पसन्द करे। पर ना जाने क्या हो जाता है हमें ना जाने हमें किसका डर होता है। अगर बहन थोड़ी बड़ी हो जाये तो हम उसकी पर्सनल लाइफ में दखल देने लगते है.की तुम ये मत पहनो तुम यहाँ मत जाओ इतनी देर रात तक घर से बाहर मत रहो ना जाने हमें क्या हो जाता है। अगर हमारी लाइफ में कोई दखल अंदाज़ी करे हमें पसंद नहीं लेकिन हमें दुसरो की लाइफ में दखल देना पसंद है। हमारी चाहे कितनी भी गिर्ल्फ्रेंड्स हो लेकिन अगर हमारी बहन किसी लड़के से बात भी कर ले तो हमें ये गवारा नहीं ऐसा क्यों ?

 हम जिस बहन को बचपन से जानते है जिसेपे हमें इतना भरोशा होता है ना जाने हमें बरे हो जाते ही क्या हो जाता है।
 आज जब बहने हमें राखी बांधती है तो  हमें उन्हें पैसे नहीं ये भरोसा देना चाहिए और उन्हें ये बताना चाहिए की चाहे कुछ भी हो जाये मै हमेशा तुम्हारे साथ हूँ क्युकी आज बहनो की रक्षा करने की कसमे नहीं उनकी साथ देने की कसमे खानी चाहिए और उन्हें ये वादे भी करने चाहिए की जैसे आज मैं तुम्हारी इज़्ज़त करता हूँ वैसे ही हर लड़की की इज़्ज़त करूँगा। 
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Unknown
admin
30 July 2018 at 07:49 ×

dilbarroy811@gmail.com

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