एक माँ अपने बेटे से क्या चाहती है?

जब किसी औरत को ये पता चलता है की वो माँ बनने वाली है. तो  उसकी ख़ुशी का ठिकाना नहीं होता क्योकि ये ये दुनिया की हर औरत का सपना होता है की वो माँ बने।
 जब वो किसी बच्चे को इस दुनिया में लाती है तो वो कितनी खुश होती है हम इस ख़ुशी का अंदाज़ा भी नहीं लगा सकते। माँ बनान एक सौभाग्य होता हम इस ख़ुशी को दूर दूर तक महसूस नहीं कर सकते है। जबतक की हम खुद पेरेंट्स नहीं बन जाते।
 माँ बाप को अपने बच्चो से कुछ ज्यादा नहीं चाहिए खासकर माँ तो ममता की मूर्ति होती है। वो कभी अपने बच्चो का गलत कर ही नहीं सकती गलत करना तो दूर माँ अपने बच्चो का कभी  बुरा सोचती तक नही. जिस माँ ने अपने बच्चे को अपने कोख में ९ महीने तक रखा उसी बच्चे को उनकी माँ बोझ लगने लगती है।
 जब हम बड़े  हो जाते है तो अपनी माँ बाप की  खुशियों की नहीं अपनी खुशिया और अपनी प्राइवेसी चाहते है हम भूल जाते है की ये हमारे पेरेंट्स है एक समय था जब हमारी ख़ुशी इनकी ख़ुशी हुआ करती थी ये वही माँ जब हम कोई गलती करते थे तो यही हमें बचाती थी और आज हम इन्ही को भूल गए हैं  एक समय था जब रात को हमें डर लगता था तो माँ की गोद में सर रखकर सोते थे और आज जब हमारी शादी हो जाती है तो उनसे दूर रहने का दिल करता है और जब माँ बाप को आप की ज़रूरत होती है उस वक़्त आपको आपकी प्राइवेसी और फ्रीडम याद आती है
जब हमें इनकी जरुरत थी तब ये हमारे साथ थे और जब आज इन्हे हमारी जरुरत होती है तो हमें फ्रीडम और प्राइवेसी चाहिए , शायद आज आप इन बातो को इगनोर कर दो पर कल जब आपके बच्चे आपके साथ ऐसा करेंगे तो शायद आप को समझ आये। नमस्कार 
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